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LLB छात्रा का रेल ट्रैक किनारे झाड़ियों में मिला शव, पिता बोले- '4 दिन तक बेटी को खोजते रहे, पुलिस सबूत मांगती रही'

 Written By: Mangal Yadav
 Published : Oct 03, 2026 02:16 pm IST,  Updated : Oct 03, 2026 02:22 pm IST

कानपुर में रेलवे ट्रैक के किनारे झाड़ियों में एक छात्रा का शव मिला है। छात्रा पिछले चार दिनों से लापता था। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने लापरवाही की और उसकी कोई मदद नहीं की।

जांच करती पुलिस- India TV Hindi
जांच करती पुलिस Image Source : REPORTER

कानपुर में चार दिन से लापता LLB सेकेंड ईयर की 23 वर्षीय छात्रा रुचि पाल का शव रेलवे ट्रैक किनारे झाड़ियों में मिलने से सनसनी फैल गई। गोविंदनगर के दबौली वेस्ट इलाके में शुक्रवार को रेलवे ट्रैक के पास चप्पल मिलने के बाद परिजन पुलिस के साथ तलाश में जुटे। चप्पल मिलने वाली जगह से करीब 200 मीटर दूर झाड़ियों में रुचि का क्षत-विक्षत शव पड़ा मिला। शव मिलने के बाद परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों ने पुलिस पर बेटी की तलाश में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। 

सूचना पर फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है। डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि मामले में परिजनों की तहरीर के आधार पर बीएनएस की धारा 103 के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है।

रोज दो कोचिंग पढ़ाने जाती थी रुचि, रात तक नहीं लौटी

दबौली वेस्ट निवासी विमल पाल फैक्ट्री एरिया में चाय की दुकान चलाते हैं। परिवार में पत्नी गुड्डी देवी, बेटी रुचि और बेटा विनय हैं। पिता के मुताबिक, रुचि 28 सितंबर की शाम करीब छह बजे घर से कोचिंग पढ़ाने के लिए निकली थी। वह शाम 6:30 से 7:30 बजे तक पहली और 7:30 से 8:30 बजे तक दूसरी कोचिंग पढ़ाती थी। आमतौर पर वह करीब नौ बजे तक घर लौट आती थी, लेकिन उस दिन रात दस बजे तक घर नहीं पहुंची। परिजनों ने उसके मोबाइल पर फोन किया तो फोन बंद मिला। परिवार ने आसपास तलाश शुरू की और रात करीब 12 बजे पुलिस के 112 नंबर पर सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और पूछताछ की। इसके बाद परिवार लगातार बेटी की तलाश में जुटा रहा।

चौकियों के चक्कर लगाते रहे परिजन, खुद खंगाली CCTV फुटेज?

पिता का आरोप है कि उसी रात परिजन रतनलाल चौकी पहुंचे और रुचि के लापता होने की तहरीर दी। वहां से उन्हें फैक्ट्री एरिया चौकी जाने के लिए कहा गया। परिजनों के मुताबिक, अगले दिन भी वे चौकी पहुंचे और पुलिस से बेटी की तलाश कराने की गुहार लगाई, लेकिन उन्हें इंतजार करने को कहा गया। इसके बाद परिवार ने खुद इलाके में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की। दबौली वेस्ट के एक कैमरे में रुचि जाती हुई दिखाई दी, लेकिन इसके आगे लगे कैमरों में उसका कोई सुराग नहीं मिला। परिवार का आरोप है कि यदि पुलिस समय रहते इलाके में व्यापक तलाश करती तो शायद रुचि का पता पहले चल सकता था।

डायरी से मिले दो युवकों के नंबर, पूछताछ के बाद छोड़ा

परिजनों के मुताबिक, तलाश के दौरान उन्हें रुचि की डायरी मिली। उसमें ओमवीर नाम के युवक का मोबाइल नंबर लिखा था। परिवार ने उससे संपर्क किया तो उसने बताया कि करीब एक साल पहले रुचि से उसकी बातचीत होती थी। ओमवीर ने आदर्श मिश्रा नाम के युवक के बारे में भी जानकारी दी और उसका नंबर परिजनों को दिया, परिजनों ने दोनों युवकों के नंबर पुलिस को दिए। उनका आरोप है कि पुलिस ने दोनों को चौकी बुलाकर पूछताछ की, लेकिन बाद में छोड़ दिया। पुलिस अब इस पहलू समेत रुचि के संपर्क में रहे लोगों और उसके आखिरी दिनों की गतिविधियों की जांच कर रही है।

रेलवे ट्रैक पर मिली चप्पल, 200 मीटर दूर झाड़ियों में मिला शव

शुक्रवार को परिजन एक बार फिर रेलवे ट्रैक के आसपास रुचि की तलाश कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें ट्रैक के पास उसकी चप्पल मिली। परिजन चप्पल लेकर पुलिस के पास पहुंचे। पिता का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने चप्पल देखकर उससे यह साबित करने को कहा कि वह रुचि की ही है। इसके बाद परिजनों के दबाव पर पुलिस टीम उनके साथ रेलवे ट्रैक के आसपास पहुंची। चप्पल मिलने वाली जगह से करीब 200 मीटर दूर झाड़ियों में रुचि का क्षत-विक्षत शव मिला। शव देखते ही परिजन बिलख पड़े। मौके पर फोरेंसिक टीम को बुलाया गया और साक्ष्य जुटाए गए।

पिता बोले- चार दिन तक बेटी को खोजते रहे, पुलिस सबूत मांगती रही

पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे पिता विमल पाल ने आरोप लगाया कि वह चार दिनों तक बेटी की तलाश में इधर-उधर भटकते रहे। परिवार लगातार पुलिस से खोजबीन कराने की गुहार लगाता रहा, लेकिन पुलिस ने प्रभावी तरीके से तलाश नहीं की। पिता का कहना है कि रेलवे ट्रैक और आसपास का इलाका पहले ही खंगाला जाता तो शायद बेटी का पता चल जाता। उन्होंने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि परिवार खुद CCTV फुटेज खंगालता रहा और रेलवे ट्रैक के आसपास तलाश करता रहा। इसी दौरान चप्पल मिलने के बाद शव तक पहुंचा जा सका।

वकील बनना चाहती थी रुचि, पिता से कहती थी- चाय की दुकान नहीं लगाने दूंगी

रुचि LLB द्वितीय वर्ष की छात्रा थी और पढ़ाई पूरी करने के बाद वकील बनना चाहती थी। पिता ने बताया कि बेटी पढ़ाई को लेकर काफी गंभीर थी। वह अक्सर उनसे कहती थी, "पापा, वकील बनने के बाद आपको चाय की दुकान नहीं लगाने दूंगी।" बेटी का शव पोस्टमार्टम हाउस पहुंचने पर पिता की आंखों से आंसू छलक पड़े। रुचि की मां गुड्डी देवी भी बेटी को याद कर फफक पड़ीं। उन्होंने बताया कि रुचि घर से निकलते समय चाय पीकर हंसते हुए गई थी। परिवार को अंदाजा नहीं था कि वह इस तरह वापस लौटेगी। बेटी की मौत की खबर के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।

पुलिस पर लापरवाही के आरोपों की भी होगी जांच

डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि युवती का शव रेलवे ट्रैक किनारे झाड़ियों में मिला है। परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और परिजनों की तहरीर के आधार पर बीएनएस की धारा 103 में मुकदमा दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि पुलिस पर लगाए गए लापरवाही के आरोपों की भी जांच कराई जाएगी। पुलिस अब हत्या के कारण, घटनास्थल तक पहुंचने की परिस्थितियों और युवती के संपर्क में रहे लोगों समेत सभी पहलुओं की जांच कर रही है। इससे पहले बेंगलुरु के सदाशिव नगर में एक तालाब से 20 वर्षीय छात्रा का शव बरामद किया गया था।

कानपुर से संवाददाता अनुराग श्रीवास्तव की रिपोर्ट

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